Guru Purnima 2021 : जानिए कब है गुरू पूर्णिमा, इसका महत्व शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Guru Purnima 2021: हमारे हिंदू धर्मं में गुरुओ को विशेष स्थान दिया जाता है |उनकी भगवान से भी पहले पूजा जाता है |तो आज हम इस त्यौहार के अवसर पर आपको बताएँगे की क्या महत्त्व है इस त्यौहार का |पूर्णिमा को महर्षि वेड व्यास के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है |वेदव्यास जो ऋषि पराशर के पुत्र थे |हिन्दू शास्त्रों के अनुसार ऋषि वेदव्यास को 3 कालो का ज्ञाता मना जाता है |इसे आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की Guru Purnima 2021 के दिन पर्व मनाया जाता है।और आज के दिन लोग अपने गुरु बनाते है |और उनकी पूजा करके उनसे आशीर्वाद लेते है |

Guru Purnima 2021 : जानिए कब है गुरू पूर्णिमा, इसका महत्व शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

गुरु पूर्णिमा का महत्व

गुरुर्ब्रह्मा, गुरुर्विष्णु गुरुर्देवो महेश्वर:।
गुरुर्साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्री गुरुवे नम:।।
इस श्लोक में भी बताया गया है की गुरु ब्रह्मा, विष्णु और महेश है। गुरु तो परम ब्रह्म के समान होता है, ऐसे गुरु को मेरा प्रणाम। गुरु वो होता है जो हमको अज्ञानता के अँधेरे से निकल कर ज्ञान की रौशनी तक पहुंचाता है |ऐसे गुरु का हमें बार बार नमन करना चाहिए |महर्षि वेदव्यास ने चारों वेदों और महाभारत की रचना की थी। इसलिए हिन्दू धर्म में वेदव्यास को भगवान का दर्जा दिया जाता है।
हमारे यहाँ गुरु पूर्णिमा को आषाढ़ पूर्णिमा, व्यास पूर्णिमा और मुडिया पूनो के नाम से जाना जाता है। इस त्यौहार को लोग बहुत धूम धाम से मानते है | जिसे लोग त्योहार की तरह मनाते हैं। यह संधिकाल होता है, जब बारिश होती थी तो उस समय के बाद से बारिश में तेजी आ जाती है। पुरातन काल में ऋषि, साधु, संत एक स्थान से दूसरे स्थान यात्रा करते थे। चौमासा या बारिश के समय वे 4 माह के लिए किसी एक स्थान पर रुक जाते थे। आषाढ़ की पूर्णिमा से 4 माह तक रुकते थे इसलिए इन्हीं 4 महीनों में प्रमुख व्रत और त्योहार आते हैं।

गुरु पूर्णिमा क्यों मनाई जाती है

गुरु पूर्णिमा के दिन सभी लोग श्रद्धा और विश्वास के साथ मंगलमय जीवन की कामना करते हैं। इस दिन हलवा प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है। बंगाल के साधु इस दिन सिर मुंडाकर परिक्रमा पर जाते हैं। ब्रज क्षेत्र में इस पर्व को मुड़िया पूनो के नाम से मनाते हैं |मथुरा में गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा करते हैं।इस दिन लाखो की संख्या में श्रद्धालु गोवेर्धन की परिक्रमा करते है |कोई इस दिन भगवन की पूजा करता है तो कोई अपने दीक्षा गुरु की। इस दिन लोग गुरु को साक्षात भगवान मानकर पूजन करते हैं।

जानिए कब है गुरू पूर्णिमा (Guru Purnima 2021)

गुरु पूर्णिमा 24 जुलाई 2021 को है |

गुरु पूर्णिमा का शुभ महूर्त

पूर्णिमा तिथि प्रारंभ – 23 जुलाई शुक्रवार को सुबह 10:43 बजे
पूर्णिमा तिथि समाप्त – 24 जुलाई, शनिवार को सुबह 08:06 बजे

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पूजन की विधि

  1. आपको सबसे पहले सुबह उठ कर घर की सफाई कानी है |उसके बाद स्नानादि से निवृत्त होकर पूजा का संकल्प लें. और फिर इसके बाद किसी पवित्र स्थान पर पट्पटेर सफेद वस्त्र बिछाएं और उस पर 12-12 रेखाएं बनाकर व्यास-पीठ बनाएं.
  2. फिर बाद में  ‘गुरुपरंपरासिद्धयर्थं व्यासपूजां करिष्ये’ मंत्र पढ़ें और दसों दिशाओं में अक्षत छोड़े.
  3. अब जो आपके गुरु है या व्यासजी, ब्रह्माजी, शुक्रदेवजी, गोविंद स्वामी जी और शंकराचार्यजी के नाम लेकर उनका आवाह्न करें.
  4. अब अपने गुरु की प्रतिमा स्थापित करें और उन्हें रोली, चंदन, पुष्प, फल, प्रसाद आदि अर्पित करें. धूप दीप जलाएं और कुछ देर गुरु मंत्र का जाप करें. इसके बाद उनका आशीर्वाद प्राप्त करें.

गुरु पूर्णिमा के दिन क्या क्या करे

  1. इस दिन आप स्न्नान करके सुबह सुबह दान कर सकते है |
  2. या आप किसी ब्राह्मण को भोजन करा सकते है |
  3. और आप इस दिन घर में सत्य नारायण की कथा करवा सकते है |
  4. आप इस दिन अपने पित्रो की पूजा कर उनसे आशीर्वाद प्राप्त कर सकते है |
  5. इस दिन आपको घर के बड़े लोगो के पैर छु कर आशीर्वाद लेना चाहिए |

Guru Purnima 2021 : जानिए कब है गुरू पूर्णिमा, इसका महत्व शुभ मुहूर्त और पूजा विधि: आज हमने बताया कैसे आप घर पर गुरु पूर्णिमा की पूजा कर अपने गुरुओ से आशीर्वाद प्राप्त कर सकते है | जिससे आप घर में सुख और समृद्धि बढ़ा सकते है |आपको ये हमारा आर्टिकल पसंद आया है तो अपने दोस्तों के साथ शेयर ज़रूर करे और लिखे करे |और कमेंट करके बताये|